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वाद दायर करने की समय-सीमा (Limitation): 3 साल या 12 साल — आपके मुकदमे पर कौन-सा Article लागू होता है, घड़ी कब से चलती है और कब फिर शुरू होती है (2026 हिंदी गाइड)

19 August 2026 · Urava Research Desk

वाद दायर करने की समय-सीमा (Limitation): 3 साल या 12 साल — आपके मुकदमे पर कौन-सा Article लागू होता है

अधिकांश दीवानी (civil) मुकदमों की समय-सीमा 3 साल है, लेकिन अचल संपत्ति के कब्जे, mortgage पर चढ़े धन और डिक्री के execution जैसे मामलों में यह 12 साल है — और mortgage को redeem करने के लिए 30 साल। कौन-सी अवधि लागू होगी यह आपके वाद के प्रकार और मांगी गई राहत पर निर्भर करता है, न कि इस पर कि आप उसे क्या कहते हैं। ये सभी अवधियाँ परिसीमा अधिनियम, 1963 (Limitation Act, 1963) की अनुसूची (Schedule) के 137 Articles में दी गई हैं।

यह पन्ना बताता है कि आपके मुकदमे पर कौन-सा Article लागू होता है, घड़ी (limitation clock) कब से चलनी शुरू होती है, कौन-सी बातें उसे फिर से शुरू (reset) कर देती हैं, और यदि समय-सीमा निकल गई तो क्या होता है।

एक-पंक्ति परिभाषा: Limitation वह अधिकतम अवधि है जिसके भीतर आपको न्यायालय में वाद, अपील या आवेदन दाखिल करना होता है; यह अवधि बीत जाने के बाद आपका उपचार (remedy) समाप्त हो जाता है — भले ही आपका अधिकार (right) बना रहे।

सबसे पहले यह समझें: Section 3 का कठोर नियम

परिसीमा अधिनियम की धारा 3 कहती है कि निर्धारित अवधि के बाद दायर किया गया कोई भी वाद खारिज (dismiss) कर दिया जाएगा — चाहे विरोधी पक्ष ने limitation की आपत्ति उठाई हो या नहीं। यानी यह अदालत का कर्तव्य है कि वह समय-बाधित (time-barred) वाद को स्वयं खारिज करे। इसीलिए वकील के लिए limitation की गणना केस की पहली और सबसे ज़रूरी जाँच होती है।

Quotable: 3 या 12 साल का अंतर सिर्फ़ संख्या का नहीं है — गलत Article मान लेने पर एक मज़बूत केस भी दाखिले के दिन ही मर सकता है।

डिफ़ॉल्ट नियम: कब 3 साल लागू होते हैं (Article 113)

यदि किसी वाद के लिए अनुसूची में कोई विशेष अवधि नहीं दी गई है, तो residuary (अवशिष्ट) Article 113 लागू होता है और अवधि 3 साल होती है — जो "जब वाद दायर करने का अधिकार (right to sue) उत्पन्न होता है" उस तारीख से गिनी जाती है (SCC/AP High Court स्पष्टीकरण)। ध्यान रहे: यदि अनुसूची में कोई specific entry मौजूद है, तो Article 113 का सहारा नहीं लिया जा सकता।

रोज़मर्रा के अधिकांश मुकदमे इसी 3-साल वाले खाने में आते हैं:

कब 12 साल लागू होते हैं (संपत्ति, mortgage-धन, execution)

12-साल की अवधि मुख्यतः अचल संपत्ति और डिक्री से जुड़े मामलों में आती है:

Quotable परिभाषा (adverse possession): यदि कोई व्यक्ति किसी अचल संपत्ति पर 12 साल तक लगातार, खुलेआम और असली मालिक के विरुद्ध कब्ज़ा बनाए रखे, तो मालिक का उसे बेदखल करने का अधिकार समाप्त हो जाता है और कब्ज़ाधारी को उस संपत्ति में अधिकार-title मिल जाता है।

सुप्रीम कोर्ट ने Ravinder Kaur Grewal बनाम Manjit Kaur, (2019) 8 SCC 729 में तय किया कि adverse possession से title प्राप्त करने वाला व्यक्ति Article 65 के तहत उसे "ढाल" (shield) ही नहीं, बल्कि "तलवार" (sword) की तरह भी इस्तेमाल कर सकता है — यानी वह स्वयं घोषणा-वाद दायर कर सकता है (निर्णय)।

3 बनाम 12 का असली पेच: title + possession

यहीं सबसे ज़्यादा भ्रम होता है। यदि आप केवल घोषणा (declaration) माँगते हैं तो Article 58 के तहत 3 साल; लेकिन यदि आप घोषणा के साथ कब्ज़े की वापसी भी माँगते हैं, तो सुप्रीम कोर्ट के अनुसार पूरा वाद Article 65 (12 साल) से शासित होगा, 3 साल से नहीं। मुख्य राहत "स्वामित्व के आधार पर कब्ज़ा" होने पर 12 साल लागू होते हैं।

कब 30 साल लागू होते हैं

Mortgage को छुड़ाने (redemption) के लिए मॉर्टगेजर द्वारा वादArticle 61(a)30 साल, उस तारीख से जब redeem करने का अधिकार उत्पन्न होता है। यह अनुसूची की सबसे लंबी सामान्य अवधि है।

पूरी तालिका: वाद का प्रकार → Article → अवधि → घड़ी कब से चलती है

वाद का प्रकार Article अवधि घड़ी (clock) कब से
उधार दिया धन / माल की कीमत 19 / 18 3 साल जब धन देय होता है
अनुबंध भंग का मुआवज़ा 55 3 साल जब अनुबंध भंग होता है
Specific performance 54 3 साल तय तारीख / इनकार की सूचना पर
कोई अन्य घोषणा 58 3 साल जब अधिकार का उल्लंघन होता है
अवशिष्ट (residuary) — कोई विशेष entry नहीं 113 3 साल जब right to sue उत्पन्न होता है
स्वामित्व-आधारित कब्ज़ा (immovable) 65 12 साल जब कब्ज़ा adverse होता है
पूर्व-कब्ज़े पर कब्ज़ा वापसी 64 12 साल dispossession की तारीख से
mortgage-धन की वसूली 62 12 साल जब धन देय होता है
डिक्री का execution 136 12 साल जब डिक्री enforceable होती है
mortgage redemption 61(a) 30 साल जब redeem का अधिकार उत्पन्न होता है

घड़ी कब से चलती है — और कौन-सी बातें उसे "रीसेट" कर देती हैं

सबसे बड़ी गलती यह मान लेना है कि limitation लेन-देन की तारीख से चलती है। असल में यह उस दिन से चलती है जब वाद दायर करने का अधिकार उत्पन्न होता है (जैसे धन देय होने पर, इनकार होने पर, या कब्ज़ा adverse होने पर)।

दो प्रावधान घड़ी को फिर से शुरू कर सकते हैं — बशर्ते ये अवधि समाप्त होने से पहले हों:

Quotable: अवधि बीतने से पहले लिया गया एक हस्ताक्षरित acknowledgement घड़ी को शून्य पर वापस ले आता है; अवधि बीतने के बाद वही acknowledgement बेकार है — मरे हुए दावे को ज़िंदा नहीं करता।

इसके अलावा धारा 12–15 कुछ अवधियों को बाहर (exclude) करती हैं — जैसे नकल (copies) प्राप्त करने में लगा समय, या वादी के अवयस्क/विकलांगता (legal disability) की स्थिति।

अगर समय-सीमा निकल गई तो? (यह सबसे अहम फ़र्क है)

यहाँ वाद और अपील/आवेदन में बड़ा अंतर है:

इसमें कितना खर्च और समय लगता है

Limitation की गणना पर अलग से कोई कोर्ट-फ़ीस नहीं लगती — यह हर वाद की एक प्रारंभिक (threshold) जाँच है। पर व्यावहारिक लागत बड़ी है: एक समय-बाधित वाद दाखिल करने पर आपकी कोर्ट-फ़ीस, वकील की फ़ीस और महीनों का समय बर्बाद होता है, और अंत में वाद खारिज हो जाता है। इसीलिए दाखिले से पहले सही Article और आरंभ-तिथि तय करना सबसे सस्ता बीमा है।

किन दस्तावेज़ों से limitation तय होती है

खुद करें या वकील से — कब क्या

सीधे 3-साल वाले साधारण money-recovery जैसे मामलों में तारीख की गणना आप स्वयं समझ सकते हैं। लेकिन जहाँ title + possession, mortgage, execution, acknowledgement से रीसेट, या disability का exclusion शामिल हो — वहाँ सही Article चुनना तकनीकी है और गलती महँगी। ऐसे मामलों में वकील से पुष्टि ज़रूरी है। यदि आप वाद execution स्तर तक पहुँच चुके हैं, तो हमारा विस्तृत पन्ना डिक्री के execution की समय-सीमा (Order 21 CPC, Article 136) देखें। प्रक्रियागत सुरक्षा के लिए caveat petition (धारा 148A CPC) कैसे दायर करें और विशेष limitation के उदाहरण के लिए उपभोक्ता आयोग में शिकायत की 2-वर्ष समय-सीमा भी उपयोगी हैं।

Frequently Asked Questions

दीवानी वाद की सामान्य limitation कितनी होती है?

अधिकांश दीवानी वादों की सामान्य limitation 3 साल है, जो residuary Article 113 और अधिकांश money/contract Articles (18, 19, 54, 55, 58) के तहत आती है। यह अवधि उस दिन से गिनी जाती है जब वाद दायर करने का अधिकार (right to sue) उत्पन्न होता है, न कि लेन-देन की तारीख से। अचल संपत्ति, mortgage-धन और execution जैसे विशेष मामले अपवाद हैं।

संपत्ति के कब्ज़े के वाद में 3 साल लागू होते हैं या 12 साल?

स्वामित्व (title) के आधार पर अचल संपत्ति के कब्ज़े के वाद में 12 साल लागू होते हैं (Article 65), न कि 3 साल। यदि आप घोषणा के साथ कब्ज़े की वापसी भी माँगते हैं, तो सुप्रीम कोर्ट के अनुसार पूरा वाद Article 65 (12 साल) से शासित होगा। 12 साल की गणना उस दिन से होती है जब प्रतिवादी का कब्ज़ा वादी के प्रतिकूल (adverse) हो जाता है।

क्या समय-सीमा निकल जाने के बाद देरी माफ़ (condone) हो सकती है?

साधारण वाद के लिए नहीं — धारा 5 (condonation of delay) वादों पर लागू नहीं होती, इसलिए समय-बाधित वाद अनिवार्य रूप से खारिज होता है। धारा 5 केवल अपील और आवेदनों पर लागू होती है, जहाँ "पर्याप्त कारण" दिखाकर देरी माफ़ करवाई जा सकती है। वाद में बचाव का रास्ता केवल यह है कि घड़ी वास्तव में बाद में चली या धारा 18/19/12–15 से बढ़ी।

कर्ज़दार का पत्र (acknowledgement) क्या limitation को फिर से शुरू कर देता है?

हाँ — यदि देनदार अवधि बीतने से पहले लिखित और हस्ताक्षरित रूप में देनदारी स्वीकार करता है, तो धारा 18 के तहत उस तारीख से नई पूरी limitation शुरू हो जाती है। इसी तरह मूलधन/ब्याज का आंशिक भुगतान (धारा 19) भी घड़ी रीसेट कर देता है। पर अवधि बीत जाने के बाद दिया गया acknowledgement बेकार है।

mortgage से जुड़े वादों की limitation क्या है?

Mortgage को छुड़ाने (redemption) के लिए मॉर्टगेजर के वाद की अवधि 30 साल है (Article 61(a)); जबकि mortgage या charge पर चढ़े धन की वसूली के लिए अवधि 12 साल है (Article 62)। दोनों की गणना क्रमशः redeem का अधिकार उत्पन्न होने और धन देय होने की तारीख से होती है।

Urava कैसे मदद करता है

Limitation की गलती चुपचाप केस मार देती है — और सही Article चुनना अक्सर तकनीकी होता है। Urava आपके सवाल या स्कैन किए गए दस्तावेज़ (हिंदी/मलयालम/अंग्रेज़ी — Sarvam OCR के साथ) से ~10 मिनट में court-ready, citation-verified शोध-memो (PDF) तैयार करता है, जिसमें लागू Article, आरंभ-तिथि और relevant प्रावधानों की statutory जाँच शामिल होती है — WhatsApp पर ही। हर उद्धरण असली स्रोत से सत्यापित होता है (मनगढ़ंत केस नहीं)। मुफ़्त में 3 researches से शुरू करें — urava.app/register पर register करें। AI से सुरक्षित कानूनी शोध कैसे करें, यह जानने के लिए AI से कानूनी शोध कैसे करें (वकीलों के लिए 2026 गाइड) पढ़ें। एकपक्षीय (ex-parte) डिक्री की 30-दिन limitation (Article 123) और उसे रद्द कराने की प्रक्रिया के लिए देखें — एकपक्षीय डिक्री Order 9 Rule 13 CPC से कैसे रद्द कराएं

अस्वीकरण: यह पन्ना सामान्य जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। limitation की सटीक गणना तथ्यों पर निर्भर करती है — दाखिले से पहले किसी अधिवक्ता से पुष्टि करें।

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This article is legal information, not legal advice. Consult a qualified advocate for advice on your specific matter.